बुधवार, 13 मार्च 2019

कि और की मात्रा का स्पष्ट ज्ञान

( कि और की का प्रयोग कब और कैसे करें ??)

इस समस्या के समाधान  के लिए दो बातें याद रखें । 
(१)  आप कितनी भी जल्दबाज़ी में लिख रहे हों या बोल रहे हों किंतु आपके मस्तिष्क में यदि यह बात बैठ गई कि संज्ञा शब्दों के तुरंत बाद  (की) जैसे-  
राम की साइकिल, घर की चाबी, मम्मी की डाँट आदि । ऐसे ही  सर्वनाम शब्दों के साथ भी (की)  का प्रयोग -उसकी,इनकी, सबकी,तुम्हारी,आपकी आदि  रूप में ही होता है ।
(२) अब हम अपनी दूसरी समस्या को भी आसानी से हल कर सकते हैं । बस ये याद रखिए कि किसी भी वाक्य को बोलते या लिखते समय यदि वाक्य के मध्य में ही आपको यह आभास होता है कि अगले कथन के बिना पिछला वाक्य अर्थहीन या अधूरा है जैसे- 
१’मैंने तुमसे कहा था.........तुम यह काम जल्दी कर लेना ।’
२ ‘दोस्तों से कभी यह उम्मीद नहीं होती ........ वह हमें धोखा देंगे ।

उपरोक्त वाक्यों को पढ़कर, समझकर, बार-बार अलग-अलग वाक्य बनाकर निरंतर अभ्यास से इस दुविधा को बहुत आसानी से समाप्त कर सकते हैं ।  ज की,कि के प्रयोग की ग़लतियाँ सिर्फ़ जल्दबाज़ी के कारण ही होती है ।पठन के समय बचपन से ही कौनसी मात्रा को सामान्य स्वर के साथ और कौनसी मात्रा बलाघात ( बल देकर) पढ़ना है अगर हम इस पर कार्य करें तो यह समस्या कभी नहीं आएगी । 
यदि मेरे इस परामर्श से आपको और हमारे प्यारे बच्यों को पठन में मदद मिल सके तो आप ज़रूर इस चैनल को देखें और अपनी समस्याएँ मुझसे शेयर करें । आपकी सकारात्मक पहल आपके बच्चों के मज़बूत बनने में सहायक होगी ।
               ....धन्यवाद ☺️

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें